ओस्लो , मई 19 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और पांच नॉर्डिक देश व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का पुख्ता करेंगे और वैश्विक शांति , नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाये रखने तथा बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधारों के मुद्दे पर सभी एकजुट हैं।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को यहां तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही।

श्री मोदी ने डेनमार्क, फ़िनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन के अपने समकक्षों की मौजूदगी में कहा कि नॉर्डिक समूह के साथ भारत की साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुपक्षवाद में समान विश्वास पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि भारत नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार और निवेश, सतत विकास, अधिक नवाचार,जलवायु परिवर्तन और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग करता रहेगा।

श्री मोदी ने कहा, "लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है। "उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और सतत विकास में समान प्राथमिकताएं सहयोग के नए अवसर पैदा कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने युद्धों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में समान विचारधारा वाले देशों के बीच अधिक समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा," वैश्विक तनाव और संघर्ष के इस दौर में भारत और नॉर्डिक देश मिलकर नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को और मजबूत करते रहेंगे। "श्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों पर शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयासों के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा, "चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन जारी रखेंगे।"प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थाओं में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि वर्तमान बहुपक्षीय संस्थाओं को आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए। उन्होंने कहा,"हम सहमत हैं कि बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार आवश्यक भी है और अत्यंत तात्कालिक भी।"आतंकवाद पर भारत को नॉर्डिक देशों के समर्थन का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कड़ी टिप्पणी की और कहा, "आतंकवाद पर हमारा स्पष्ट और एकजुट रुख है: कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं।"श्री मोदी ने शिखर सम्मेलन में आर्थिक विषयों पर हुई चर्चा का उल्लेख किया और कहा कि नॉर्वे और आइसलैंड सहित ईएफटीए सदस्य देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता, जो अक्टूबर 2025 से लागू है, व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया, जिसमें डेनमार्क, फ़िनलैंड और स्वीडन शामिल हैं।

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