नयी दिल्ली , जून 16 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति को सिर्फ अच्छी घटनाओं का श्रेय ही नहीं, बल्कि समस्याओं की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।

श्री आंबेकर ने मंगलवार को यहां इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र, दिल्ली प्रांत की ओर से देवर्षि नारद मुनि की जयंती के मौके पर आयोजित देवर्षि नारद पत्रकार सम्मान 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि आम तौर पर हर कोई अच्छी घटनाओं का श्रेय खुद लेता है, लेकिन सभी को समस्याओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह बात निजी ज़िंदगी और पारिवारिक जीवनदोनों पर लागू होती है। तभी आपका परिवार साथ रह सकता है। यह समाज, देश, राजनीति और सामाजिक जीवन हर जगह ज़रूरी है। आपको इसे अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम नेताओं, सरकारों और अधिकारियों से उम्मीदें रखते हैं कि वो अच्छा व्यवहार करें, लेकिन हमको भी ऐसा करना चाहिए। अच्छे व्यवहार की उम्मीद सभी से की जाती है, चाहे वह किसी भी पेशा में हो।"इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "अगर हम अपनी अर्थव्यवस्था में समृद्धि चाहते हैं। निश्चित रूप से यह सरकार की बड़ी ज़िम्मेदारी है, लेकिन आम लोगों की भी बहुत ज़िम्मेदारी है। इसके लिए सभी काम को सम्मान देना होगा। अगर हम हर काम को सम्मानजनक नहीं मानेंगे, तो कोई भी हर काम करने के लिए तैयार कैसे होगा? अगर हम सब मिलकर सारे काम नहीं करेंगे, तो कभी भी समावेशी अर्थव्यवस्था नहीं बन पाएगी, लेकिन टकराव होगा।"श्री आंबेकर ने लोगों ने हर चीज को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखने की अपील करते हुए कहा, "अगर हम हर चीज़ को राजनीति के नज़रिए से देखेंगे, तो शायद समस्या को समझ न पाएंगे और ना ही उसका समधान कर आएंगे। अगर हमारा विश्लेषण राजनीति या चुनावों के संदर्भ में होगा, तो हम न तो विषय को समझ पाएंगे और न ही समाधान में योगदान दे पाएँगे।"उन्होंने कहा, "आज देश में सकारात्मक माहौल है। लोग महत्वाकांक्षी हैं। सबसे गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहता है। आगे बढ़ना चाहता है। देश के काम में योगदान देना चाहता है। इसलिए, मुझे लगता है कि यह हमारे देश का सबसे अच्छा समय है। और इस समय मैं आप सभी से यह अपेक्षा करता हूं कि हम इस सकारात्मकता को और कैसे बढ़ा सकते हैं, इसमें योगदान करें।"उन्होंने कहा , "इन दिनों कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), यानी हमने इसका उपयोग शुरू कर दिया है, लेकिन एआई आजकल अपना काम खुद कर रही है। एआई अपना काम खुद कर रही है, यह अधिक से अधिक डेटा एकत्र कर रही है। और यह डेटा पूरी दुनिया से एकत्र कर रही है। डेटा का मतलब है कि यह केवल आपकी जानकारी ही नहीं ले रही है, बल्कि ज्ञान भी ले रही है..."संघ प्रचार प्रमुख ने कहा, "किसी व्यक्ति की अपनी सोच, उसके अपने विचार और उसका चरित्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हूं। संघ इस पर 100 वर्षों से काम कर रहा है। अगर मूल बात यह है कि, अगर एक इंसान सही है, तो हम किसी भी युग में सही काम करो।"उन्होंने धर्म की बात करते हुए कहा, "जब हम धर्म की बात करते हैं, तो हम ऐसे धर्म की बात कर रहे हैं जिसमें एक धर्म को दूसरे धर्म का अंत नहीं करना है। एक धर्म को दूसरे धर्म से अलग नहीं है, बल्कि सभी धर्मों को सह-अस्तित्व में रहना है। "इस दौरान एनडीटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रधान संपादक राहुल कंवल कृत्रिम बुद्धिमता की दौर की पत्रकारिता और देवर्ष नारद मुनि की पत्रकारी में अंतर समझाया और पत्रकारों ने उनके कदमों पर चल कर विश्वसनीयता पैदा करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि कौन मशीन से ज़्यादा तेज़ी से लिख सकता है, बल्कि इससे तय होगा कि कौन विश्वसनीयता पैदा कर सकता है।

इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले 12 पत्रकारों को देवर्षि नारद पत्रकार सम्मान से पुरस्कृत किया गया।

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