जोधपुर , मई 14 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि कोई व्यक्तित्व सत्ता से महान नहीं बनता, अपितु व्यक्ति का चरित्र सत्ता को महान बनाता है।
श्री शेखावत गुरुवार को पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत "बाबोसा" की आदम कद प्रतिमा अनावरण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री भैरों सिंह शेखावत ने अपनी निरंतर साधना और लोगों को जोड़ने के अद्भुद कौशल से इसे सिद्ध कर दिखाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लोग उन्हें अपना अभिभावक स्वरूप मानते थे।
उन्होंने कहा कि भैरों सिंह शेखावत की राजनीति में कटुता नहीं थी, उनकी राजनीति संवाद की थी। उनकी राजनीति में विरोध अवश्य था लेकिन वैमनस्य कहीं भी नहीं था। वह कुशल प्रशासक के साथ में एक कठोर प्रशासक भी थे। उन्होंने आज के राजस्थान में सुशासन की नींव रखी और उस समय जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया। उन्होंने कहा, बिना सोशल मीडिया के भी अगर, राजस्थान के हर गांव और घर की खबर किसी नेता के पास होती थी, तो वह भैरों सिंह शेखावत के पास होती थी, क्योंकि वह लोगों के सुख-दुख के साझेदार थे।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान की भूमि ने अनेक वीर- सूरमा, संत और महान व्यक्तित्व पैदा किए, इन सब में भैरों सिंह शेखावत का व्यक्तित्व अतुलनीय था। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ के बल पर राजनीति में असाधारण मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा कि एक साधारण सब इंस्पेक्टर से अपना करियर शुरू कर तीन बार राजस्थान का मुख्यमंत्री और देश का उपराष्ट्रपति बनकर अपनी इस असाधारण यात्रा को संभव बनाया।
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