न्यूयॉर्क , सितंबर 09 -- संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में यूएन महासभा के 81वें सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। बंगलादेश के खलीलुर रहमान ने अध्यक्ष पद संभालते हुए बहुपक्षवाद में विश्वास बहाल करने, वैश्विक सहयोग मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र में सुधार को अपने एक वर्ष के कार्यकाल के केंद्र में रखा।

युद्धों, भू-राजनीतिक विभाजनों, जलवायु संकट और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में घटते भरोसे के बीच 9वें दशक में प्रवेश कर रहे इस वैश्विक निकाय के लिए इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए उन्होंने सत्र का विषय- 'विश्वास की बहाली, बदलाव का प्रबंधन : सभी के लिए परिणाम देने वाला संयुक्त राष्ट्र' घोषित किया।

श्री रहमान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सामने मुख्य चुनौती सिर्फ इस संस्था का बचाव करना नहीं, बल्कि इसे अधिक प्रभावी बनाना और ठोस परिणाम देना है। उन्होंने संवाद और सहयोग के जरिये संगठन में भरोसा फिर से कायम करने के लिए अथक प्रयास करने का संकल्प लिया।

श्री रहमान ने अपने कार्यकाल के लिए छह मुख्य प्राथमिकताएं तय कीं- शांति एवं सुरक्षा मजबूत करना, सतत विकास (एसडीजी) में तेजी लाना, जलवायु कार्रवाई (अनुकूलन और लचीलापन) को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों की रक्षा करना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं प्रौद्योगिकी का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना और संयुक्त राष्ट्र में सुधार कर बहुपक्षवाद में विश्वास बहाल करना।

शांति और विकास पर जोर देते हुए श्री रहमान ने चेतावनी दी कि 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से केवल 36 फीसदी ही सही दिशा में हैं। जलवायु संकट से निपटने के लिए उन्होंने 'लॉस एंड डैमेज फंड' को लागू करने, विकासशील देशों के लिए वित्तपोषण बढ़ाने और समुद्र के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित तटीय एवं छोटे द्वीपीय देशों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता जतायी।

मानवाधिकारों, शरणार्थियों के अधिकारों और डिजिटल डिवाइड को पाटने पर जोर देते हुए श्री रहमान ने कहा कि एआई विकास को गति दे सकता है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में वित्तीय पारदर्शिता की मांग करते हुए सदस्य देशों से अपना बजट योगदान समय पर देने की अपील की।

यह सत्र अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया का भी संचालन करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया यूएन चार्टर के अनुच्छेद 97 के अनुसार पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और समावेशी तरीके से पूरी की जायेगी।

सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि गंभीर भू-राजनीतिक संकटों, परमाणु जोखिमों और गरीबी के बीच बहुपक्षीय व्यवस्था दबाव में है। उन्होंने 'पैक्ट फॉर द फ्यूचर' और 'यूएन80 इनिशिएटिव' को सुधारों का खाका बताते हुए सदस्य देशों से एकजुटता के साथ कदम उठाने का आह्वान किया।

श्री रहमान ने कहा कि कमियों के बावजूद यूएन ने आठ दशकों से अधिक समय से दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध से बचाया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में 60 फीसदी महिलाओं को शामिल कर समावेशी नेतृत्व का संदेश दिया।

आठ सितंबर 2026 से शुरू हुआ। यह 81वां सत्र सात सितंबर 2027 तक चलेगा, जिसमें इस महीने के अंत में वैश्विक नेताओं की उच्च स्तरीय बहस होगी।

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