नयी दिल्ली , मई 15 -- वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने अप्रैल-2026 में सालाना आधार पर 13.78 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 43.56 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान वाणिज्यिक आयात एक साल पहले इसी माह की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़ कर 71.94 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर रहा। इस तरह अप्रैल में व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा।
पिछले साल अप्रैल में वाणिज्यिक निर्यात 38.28 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 65.38 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर था।
शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में कुल निर्यात (वस्तुएँ एवं सेवाएँ) अनुमानित 80.80 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो अप्रैल 2025 के 71.13 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल निर्यात की तुलना में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने अप्रैल के निर्यात-आयात के आंकड़ों पर कहा कि युद्धग्रस्त पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारत के निर्यात में अप्रैल में 28 प्रतिशत की गिरावट आयी। आलोच्य माह में उस क्षेत्र में निर्यात एक साल पहले के 5.78 अरब डॉलर की तुलना में इस बार 4.16 अरब डॉलर रहा। इसी दौरान उस क्षेत्र से आयात एक साल पहले के 31.64 प्रतिशत घट कर 10.47 अरब डॉलर के बराबर रह गया। पिछले साल अप्रैल में उस क्षेत्र से आयात 15.32 अरब डॉलर के बराबर था।
अप्रैल 2026 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात 33.97 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो अप्रैल 2025 के 31.16 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 9.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इस बार अप्रैल में निर्यात वृद्धि में योगदान करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक वस्तु उद्योग, इंजीनियरिंग सामान , मांस-डेयरी एवं पोल्ट्री उत्पाद तथा दवाइयाँ एवं फार्मास्यूटिकल का बड़ा योगदान रहा। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2025 के 7.12 अरब डॉलर की तुलना में अप्रैल 2026 में 34.66 प्रतिशत बढ़ कर 9.59 अरब डॉलर रहा।
इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात सालाना आधार पर 40.31 प्रतिशत बढ़ कर 3.69 अरब डॉलर की तुलना में 5.18 अरब डॉलर , इंजीनियरिंग निर्यात एक साल पहले के 9.52 अरब डॉलर से 8.76 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर रहा। इसी दौरान मांस, डेयरी एवं पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात 0.37 अरब डॉलर से बढ़कर 0.55 अरब डॉलर हुआ जो 48.03 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। अप्रैल में औषधियों का निर्यात 7.12 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ अप्रैल 2025 के 2.49 अरब डॉलर से बढ़कर 2.66 अरब डॉलर रहा।
अप्रैल 2026 में सेवाओं का अनुमानित निर्यात 37.24 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले इसी माह 32.85 अरब अमेरिकी डॉलर था। इस दौरान सेवा आयात एक साल पहले के 16.91 अरब डॉलर की तुलना में घट कर 16.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
अप्रैल 2026 में कुल व्यापार घाटा (सेवा और वस्तु व्यापार मिला कर) 7.81 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। पिछले साल अप्रैल में कुल व्यापार घाटा 11.16 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर था। अप्रैल में गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न-आभूषण गैर-पेट्रोलियम निर्यात 33.97 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले 31.16 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसी दौरान गैर-पेट्रोलियम आयात 53.32 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो अप्रैल 2025 में 44.68 अरब अमेरिकी डॉलर था।
इस वर्ष अप्रैल में गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न-आभूषण निर्यात एक साल पहले के 28.66 अरब डॉलर की तुलना में बढ़ कर 31.64 अरब डॉलर तथा गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न-आभूषण आयात 39.75 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 45.87 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
आलोच्य माह में जिन वस्तुओं के निर्यात में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी उनमें रासायनिक सामग्री एवं उत्पादों का निर्यात सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत गिरा । इसके अलावा दालों के निर्यात 29.69 प्रतिशत , मोती एवं कीमती पत्थर (15.96), अखबारी कागज (12.54), कच्चा पेट्रोलियम एवं उत्पाद (10.03), लकड़ी एवं लकड़ी उत्पाद (8.36) और वस्त्र सामग्री के निर्यात में 7.17 प्रतिशत की गिरावट आयी है।
अप्रैल में जिन बाजारों में निर्यात में सबसे ज्यादा गति से वृद्धि हुई उनमें सिंगापुर (179.18 प्रतिशत), तंजानिया (157.63 प्रतिशत), श्रीलंका (214.65प्रतिशत), बांग्लादेश (64.16 प्रतिशत) और हांगकांग (90.61 प्रतिशत) शामिल हैं।
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