गोरखपुर , मई 16 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं का आह्वान किया है कि वे पश्चिम एशिया संघर्ष सहित मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के प्रति समाज में अलख जगाएं।

योगी शनिवार अपराह्न गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की सभी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ संस्थाओं की गतिविधियों और भावी कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में कहा कि सभी संस्थाओं के शिक्षक और कर्मचारी वर्तमान समय में अति आवश्यक ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा व्यय कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का अनुसरण करें। यह समयानुकूल राष्ट्रीय दायित्व है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण को लेकर विद्यार्थियों के जरिये उनके परिवारों और समूचे समाज को जागरूक करने का व्यापक अभियान शुरू करें। सबके मन में राष्ट्र प्रथम का भाव होगा तो हर चुनौती का आसानी से सामना किया जा सकेगा। उन्होंने सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तरह एक प्लेटफार्म बनाकर एमपीएसपी के संस्थाओं के शिक्षकों और कर्मचारियों के अपडेट प्रशिक्षण का खाका तैयार करने की भी निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सभी संस्थाओं के प्रमुखों ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिये वार्षिक प्रतिवेदन और आगामी कार्ययोजना की जानकारी साझा की।

इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने एमपीएसपी की सभी संस्थाओं के प्रमुखों का आह्वान किया कि वे अपनी दायित्व वाली संस्थाओं को समाज और राष्ट्र हित में युगानुकूल परिवर्तन का वाहक बनाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव से देश के समक्ष भी ईंधन और विदेशी मुद्रा से जुड़ी चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने में शिक्षण संस्थाओं को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। संस्थाओं के सभी कार्मिक ईंधन बचाने के उपायों को अपनाएं। विद्यार्थियों को भी पेट्रोलियम पदार्थों के कम उपयोगए विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए प्रेरित करें। विद्यार्थी जब जागरूक होगा तो उसका असर परिवारों और घरों पर भी पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं के शिक्षकों और कमर्चारियों को खुद को हमेशा समय के अनुरूप अपडेट करते रहना होगा। इसके लिए सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तरह एक प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है जहां सभी कार्मिकों को वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा समय और समय से आगे चलने वाली प्रौद्योगिकी को कार्य व्यवहार में अपनाने से कार्य आसान हो जाता है।

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