पटना , जुलाई 26 -- जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को वैशाली गढ़ पहुँचे और भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना के साथ राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना कीइस दौरान श्री कुमार ने विश्वस्तरीय बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का भी अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र स्थलों एवं उनकी स्मृतियों का दर्शन कर संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की जानकारी भी प्राप्त की।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी शिक्षाएँ हमें सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि वैशाली की यह पावन धरती भगवान बुद्ध की अमूल्य विरासत की साक्षी रही है और इस धरोहर का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से इलाके में कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस यात्रा में विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ भी श्री कुमार के साथ थे।

उल्लेखनीय है कि माननीय श्री नीतीश कुमार के हाथों ही पिछले वर्ष लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का लोकार्पण किया गया था। लगभग 72 एकड़ में विस्तृत यह भव्य परिसर आज वैशाली की नई पहचान बन चुका है। भगवान बुद्ध की विरासत को समर्पित यह विश्वस्तरीय परिसर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

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