हरिद्वार , अप्रैल 12 -- उत्तराखंड में वैशाखी स्नान एवं सद्भावना सम्मेलन को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस ने रविवार को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी और संभावित भारी भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने मेला क्षेत्र में चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
ऋषिकुल ऑडिटोरियम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने आज संयुक्त रूप से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर मेला ड्यूटी में तैनात फोर्स को संक्षिप्त में समझाया। इस दौरान सभी कर्मियों को सतर्कता, संयम और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए।
मेला क्षेत्र को प्रभावी प्रबंधन के लिए 10 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन व सेक्टर में अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखेंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
रेलवे से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर रखने के लिए जीआरपी व आरपीएफ के साथ समन्वय किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू रहेगा। पर्व अवधि के दौरान भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में कतार व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा महिला घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जल पुलिस घाटों पर लगातार निगरानी रखेगी, जिससे डूबने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
भीड़ नियंत्रण के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाएगा और घुड़सवार पुलिस की तैनाती रहेगी। वहीं बम निरोधक दस्ता और खोजी स्वान द्वारा 24 घंटे संदिग्ध गतिविधियों जांच की जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी पॉइंट पर पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, अनावश्यक मोबाइल उपयोग और नशा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही श्रद्धालुओं के साथ शिष्ट एवं सौम्य व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
मेला ड्यूटी के लिए पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, महिला पुलिस, आरक्षी, यातायात पुलिस, अभिसूचना इकाई, जल पुलिस, फायर सर्विस, टियर गैस स्क्वॉड सहित पर्याप्त संख्या में बल तैनात किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम वातावरण में स्नान का अवसर मिल सके।
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