अमृतसर , सितंबर 11 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने भारत के ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को वैध भारतीय वीजा होने के बावजूद फैसलाबाद हवाई अड्डे पर करीब 12 घंटे रोके जाने की निंदा की है।
प्रो ख्याला ने शुक्रवार को कहा कि वैध वीजा और हवाई टिकट होने के बावजूद अंतिम समय पर एनओसी की नयी शर्त लगाना पाकिस्तान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि यदि भारत यात्रा के लिए एनओसी अनिवार्य थी तो इसकी जानकारी श्रद्धालुओं को पहले क्यों नहीं दी गयी। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से श्रद्धालुओं को रोके जाने का कानूनी आधार स्पष्ट करने तथा रद्द हुई हवाई टिकटों, आवास और यात्रा से जुड़े उचित खर्च की भरपाई करने की मांग की। उन्होंने भारत सरकार से मामले में तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप करते हुए इसे पाकिस्तान सरकार के समक्ष उच्च स्तर पर उठाने और श्रद्धालुओं को बिना देरी भारत आने की अनुमति दिलाने की मांग की। उन्होंने विश्वभर के सिख समुदाय से भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की अपील की।
प्रो ख्याला ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वास्तविक परीक्षा उनकी सुरक्षा और धार्मिक विरासत की रक्षा से होती है। उन्होंने पाकिस्तान में कथित तौर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारों और हिंदू मंदिरों को गिराए जाने की खबरों पर भी चिंता जताते हुए इन मामलों की पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सिख संगत की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की संवैधानिक गारंटी को जमीन पर भी लागू करना चाहिए।
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