हेब्रोन , अक्टूबर 24 -- वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी शहर हेब्रोन में इजरायली सेना के जारी अभियान में लगभग 1,500 फिलिस्तीनी विस्थापित हो चुके हैं।

इजरायल का यह अभियान शुक्रवार को गोलीबारी में दो इजरायली सैनिकों के मारे जाने के बाद शुरू हुआ है।

फिलिस्तीनी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

आधिकारिक फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी वफा ने शनिवार को यहां के गवर्नर खालिदुद्दीन के हवाले से बताया कि 200 से अधिक परिवारों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है, जिनमें से हजारों लोगों ने रात खुले आसमान के नीचे बितायी।

गवर्नर ने आपातकाल की घोषणा कर दी है और विस्थापित परिवारों की सहायता के लिए एक संकट प्रबंधन समिति का गठन कर रहे हैं।

हेब्रोन के मेयर यूसुफ अल-जाबरी ने वफा को बताया कि इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) शहर के दो अन्य इलाकों से 2,500 लोगों को विस्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं।

आईडीएफ ने इस विस्थापन की रिपोर्ट पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि उसका अभियान कई दिनों तक चलने की उम्मीद है और यह उसी इलाके तक केंद्रित और सीमित रहेगा जहां से आतंकवादियों ने गतिविधियों को अंजाम दिया था।

सेना ने कहा कि प्रभावित इलाकों के निवासी पूछताछ और सुरक्षा जांच के बाद तय किए गए तीन निकास बिंदुओं से बाहर जा सकते हैं। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को आगे की पूछताछ के लिए ले जाया जायेगा।

दो पहाड़ियों के बीच बसे इलाके 'ऐन दिर बाहा' में इमारतों पर 'क्रॉस' का निशान लगाया गया था, ताकि यह दर्शाया जा सके कि उन्हें निवासियों से खाली करा लिया गया है। इजरायली सैन्य वाहनों के अलावा सड़कें काफी हद तक वीरान हैं और एक मकान पर इजरायली झंडा फहर रहा था, जिस पर जाहिर तौर पर सैनिकों का कब्जा था।

मुर्गियां और मवेशियों का चारा बेचने वाले 70 वर्षीय दुकानदार और इलाके के सामाजिक अगुआ हिगाजी शावर अल-तमीमी ने संवाददाताओं को बताया कि सैनिकों ने रात एक बजे उन्हें जगाया और उन्हें तथा अन्य निवासियों को तुरंत वहां से जाने का आदेश दिया। उनके पास कपड़े और जरूरी कागजात समेटने के लिए केवल दो घंटे का समय था। जिन परिवारों के पास गाड़ियां नहीं थीं, उन्हें दूसरी जगह रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां शरण पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

इजरायल का यह अभियान शुक्रवार को हुए उस गोलीबारी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें दो फिलिस्तीनी बंदूकधारियों ने हेब्रोन के पास एक अस्थायी सैन्य चौकी पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। 20 मिनट से अधिक समय तक चले मुठभेड़ में दो सैनिक मारे गये और तीन अन्य घायल हो गये। मृत सैनिकों की पहचान अश्केलोन के रहने वाले 23 वर्षीय स्टाफ सार्जेंट रोन योनातन रॉयटमैन और होद हशरोन के रहने वाले 20 वर्षीय सार्जेंट युवाल शाई स्विलेम के रूप में हुई है।

हमलावरों की पहचान हेब्रोन के मोहम्मद जाबा और फिरास जाबा के रूप में हुई है। दोनों 27 वर्ष के थे और एक ही परिवार के थे।

आईडीएफ ने कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि उनका इरादा पास की सड़क पर इजरायली नागरिकों पर हमला करने का था, लेकिन राजमार्ग तक न पहुंच पाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस चौकी पर ही गोलियां चला दीं।

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