भोपाल , मई 15 -- 'सिस्टम परिवर्तन अभियान' ने भोपाल के प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास परियोजना को निरस्त करने तथा बायपास से जुड़े क्षेत्रों में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों द्वारा की गई भूमि खरीद की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
संगठन के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डाबस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि भोपाल के गुराड़ी घाट क्षेत्र में लगभग 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने वर्ष 2022 और 2023 में कृषि भूमि खरीदी थी। इसके बाद अगस्त 2023 में वेस्टर्न बायपास को मंजूरी दी गई, जिससे संबंधित भूमि के दामों में भारी वृद्धि हुई।
पत्र में दावा किया गया है कि जिस भूमि को पहले कृषि भूमि के रूप में कम कीमत पर खरीदा गया था, उसका उपयोग परिवर्तन होने के बाद मूल्य कई गुना बढ़ गया। संगठन ने आरोप लगाया कि बायपास का नक्शा भी बदला गया और सड़क को संबंधित जमीनों के पास से निकाला गया, जिससे भूमि की कीमतों में भारी वृद्धि हुई।
संगठन ने कहा कि भोपाल में पहले से ईस्टर्न बायपास उपलब्ध है, ऐसे में 3200 करोड़ रुपये की लागत से वेस्टर्न बायपास बनाने की आवश्यकता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस परियोजना से बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
आजाद सिंह डाबस ने मांग की कि गुराड़ी घाट क्षेत्र की भूमि खरीद, संबंधित अधिकारियों की संपत्ति विवरणियों तथा परियोजना से जुड़े निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने वेस्टर्न बायपास परियोजना को तत्काल निरस्त करने और सरकारी धन के अनावश्यक व्यय को रोकने की भी मांग की। पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव को भी भेजी गई है, जिसमें संबंधित अधिकारियों की वार्षिक संपत्ति विवरणियों के सत्यापन और मूल्यांकन की मांग की गई है।
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