वेनेजुएला , अक्टूबर 25 -- वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने 25 अक्टूबर को घोषणा की कि वह 10 महीने से अधिक समय तक निर्वासन में रहने के बाद स्वदेश लौट आई हैं। उनकी वापसी से दक्षिण अमेरिकी देश में जारी राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

सुश्री मचाडो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "मैं यहां हूं। आप सबके साथ हूं।"उन्होंने देश में प्रवेश करने के तरीके के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह पश्चिमी राज्य लारा के बार्किसिमेटो स्थित सांता रोजा चर्च में दिखाई दीं। उनकी पार्टी के अनुसार, वह वेनेजुएला में वर्जिन मैरी की सबसे पूजनीय प्रतिमाओं में से एक 'डिविना पास्तोरा' के प्रति आभार व्यक्त करने वहां गई थीं। इस दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उनके नाम के नारे लगाए।

सुश्री मचाडो की जगह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से उम्मीदवार रहे एडमुंडो गोंजालेज उरुतिया ने भी एक्स पर उनकी स्वदेश वापसी की पुष्टि की। विपक्ष और अमेरिका सहित कई देशों ने उन्हें 2024 के चुनाव का विजेता माना था।

श्री गोंजालेज उरुतिया ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज वेनेजुएला के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। हमारी संप्रभु आवाज उनके साथ लौट आई है, ताकि वह इस प्रक्रिया का नेतृत्व और मार्गदर्शन कर सकें।" गिरफ्तारी की धमकियों के बाद 2024 में वेनेजुएला छोड़ने वाले गोंजालेज उरुतिया ने कहा कि वह जल्द ही मचाडो के साथ जुड़ेंगे।

सुश्री मचाडो की वेनेजुएला वापसी की खबर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मुझे उम्मीद है कि वह सुरक्षित हैं। वह बहुत अच्छी महिला हैं।"अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर कहा कि सुश्री मचाडो की सुरक्षित वापसी अमेरिका समर्थित सुलह वार्ता का प्रत्यक्ष परिणाम है। उनके अनुसार, इस वार्ता के तहत पहले ही सैकड़ों राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जा चुका है और विपक्ष के सैकड़ों नेता निर्वासन से लौट चुके हैं।

श्री रुबियो ने लिखा, "अमेरिका को उम्मीद है कि वेनेजुएला की राजनीति के सभी पक्षों की स्वतंत्रता का सम्मान जारी रहेगा। इसी तरह, हम सभी राजनीतिक पक्षों से इन वार्ताओं का समर्थन करने की अपेक्षा करते हैं।"जिस वेनेजुएला में सुश्री मचाडो लौटी हैं, वह उस देश से काफी अलग है जिसे उन्होंने छोड़ा था। उनके गुप्त रूप से देश से निकलने के बाद के महीनों में अमेरिका ने सैन्य अभियान चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। इसके बाद अमेरिका ने श्री मादुरो के लंबे समय से सहयोगी रहे उनके एक पूर्व डिप्टी के साथ काम करने का फैसला किया। इसके बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पर हुई बातचीत में मचाडो की भूमिका काफी हद तक सीमित रही। जून में दो शक्तिशाली भूकंपों ने भी उस देश को प्रभावित किया, जो दशकों से राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

सुश्री मचाडो की वापसी उनके लिए एक लंबे और महंगे राजनीतिक संघर्ष के दौर का अंत है। वर्ष 2023 में उन्होंने विपक्ष के राष्ट्रपति पद के प्राथमिक चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन मादुरो सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने एक पूर्व राजनयिक एडमुंडो गोंजालेज उरुतिया को समर्थन दिया, जो उस समय बहुत चर्चित नेता नहीं थे।

जुलाई 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद विपक्ष ने मतदान के आंकड़े सार्वजनिक किए, जिनके अनुसार गोंजालेज उरुतिया ने निर्णायक जीत हासिल की थी। इसके बावजूद चुनाव अधिकारियों ने श्री मादुरो को विजेता घोषित कर दिया। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इस परिणाम को खारिज कर दिया था।

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