जयपुर , मई 26 -- अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की पशु कल्याण पहल 'द एनिमल केयर ऑर्गेनाइजेशन' ने राजस्थान सरकार के साथ सरिस्का टाइगर रिजर्व में अग्निवेश अग्रवाल नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर स्थापित करने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं।
वेदांता के प्रेस नोट में बताया गया है कि यह अपनी तरह का पहला प्रौद्योगिकी-सक्षम केंद्र होगा। इसका उद्देश्य जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिकी की स्थिरता के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसके लिए आकर्षक तथा सहभागितापूर्ण अनुभव प्रदान करना है।
इसे एक शैक्षिक एवं जन-सहभागिता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल देश के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों के प्रति जागरूकता और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी।
राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा की उपस्थिति में वन विभाग के अधिकारियों के साथ इस पहल को औपचारिक रूप दिया गया। इसके तहत रणथंभौर टाइगर रिजर्व में निगरानी वाले वाहनों को भी रवाना किया गया, जिससे जमीनी स्तर पर संरक्षण प्रयासों को और मजबूत किया जा सके। साथ ही वन्यजीव संरक्षण में जुटे वनकर्मियों को सहयोग मिल सकेगा।
हिंदुस्तान जिंक की अध्यक्ष तथा वेदांता की गैर-कार्यकारी निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा, "संरक्षण का मूल आधार सह-अस्तित्व है, जो शिक्षा, समुदाय और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है। इस पहल के माध्यम से हम ऐसे अनुभवों का निर्माण करना चाहते हैं जो लोगों को हमारी पारिस्थितिक प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करें।"उन्होंने इस पहल के व्यक्तिगत महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस केंद्र का नाम उनके दिवंगत भाई अग्निवेश अग्रवाल की याद में रखा गया है, जिनका प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति गहरा लगाव था।
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