इंदौर/झाबुआ , अक्टूबर 22 -- मध्यप्रदेश के झाबुआ में निलंबन अवधि के आठ माह के वेतन के बिल पास कराने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल को रंगे हाथों पकड़ा है। मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी पर रिश्वत की राशि दिलवाने का आरोप है।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, शासकीय बालक छात्रावास सेमलिया बड़ी, झाबुआ के अधीक्षक धूम सिंह पिता पुन सिंह सिंगाड़ ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि निलंबन अवधि के आठ माह के करीब दो लाख 30 हजार रुपये के वेतन भुगतान संबंधी बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर सही पाए जाने के बाद 22 अक्टूबर 2026 को आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर ट्रैप कार्रवाई की गई।

लोकायुक्त के मुताबिक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी ने अपने कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पवन सिंह बिलवाल के माध्यम से रिश्वत की राशि दिलवाई। टीम ने पवन सिंह बिलवाल को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के नेतृत्व में तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।

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