लुधियाना , मार्च 25 -- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी , लुधियाना के पशु उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. राजेश वी. वाघ को उनके प्रोजेक्ट "पशुधन उत्पादों के लिए स्मार्ट-बायो-पैक" के लिए एक प्रतिष्ठित शोध अनुदान (ग्रांट) से सम्मानित किया गया है।
यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) द्वारा समावेशी अनुसंधान अनुदान योजना के तहत वित्तपोषित है, जिसकी कुल राशि 60 लाख रूपये है।
विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन मेहता ने बुधवार को बताया कि इस शोध पहल का उद्देश्य टिकाऊ और 'इंटेलिजेंट' पैकेजिंग समाधान विकसित करना है। यह तकनीक विशेष रूप से मांस और दूध जैसे पशुधन उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और उनके खराब होने की अवधि (शेल्फ लाइफ) में सुधार करेगी। वैज्ञानिक नवाचार को पर्यावरण जागरूकता के साथ जोड़कर, यह परियोजना खाद्य संरक्षण, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने की चुनौतियों का समाधान करेगी।
डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा (डीन, कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस) ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से एएनआरएफ से फंडिंग प्राप्त करना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल (कुलपति) ने शोधकर्ता और विभाग को बधाई देते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह ग्रांट वैज्ञानिक उत्कृष्टता और एक मजबूत शोध संस्कृति के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत के खाद्य और पशुधन क्षेत्र की बदलती जरूरतों के लिए प्रभावशाली समाधान पेश करेंगे और यह राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
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