बदरीनाथ /केदारनाथ , मई, 15 -- उत्तराखंड में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत देते हुए दोनों धामों में प्राथमिक दर्शन सुविधा लागू करने का निर्णय लिया है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के दिशा-निर्देश पर शुक्रवार को मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।

श्री हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम में आने वाले दिव्यांग तथा वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति ने दोनों धामों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि बुजुर्ग एवं दिव्यांग भक्तों को सुगम और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सके।

मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि निर्धारित मानक प्रचालन विधि (एसओपी) के अनुरूप यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत दोनों धामों में 50-50 श्रद्धालुओं के 15-15 मिनट के चार स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार प्रतिदिन कुल एक घंटे की अवधि विशेष रूप से वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आरक्षित रहेगी।

निर्धारित समयानुसार सुबह आठ बजे से 8:15 बजे तक, 10 बजे से 10:15 बजे तक तथा शाम तीन बजे से 3:15 बजे और 4:45 बजे से पांच बजे तक केवल वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस दौरान मंदिर समिति के कार्मिक श्रद्धालुओं की सहायता भी करेंगे।

बीकेटीसी के अनुसार प्राथमिक दर्शन सुविधा का लाभ उन्हीं श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिनकी आयु 70 वर्ष या उससे अधिक होगी अथवा जो दिव्यांग श्रेणी में आते हों। इसके लिए आधार कार्ड, मंदिर समिति काउंटर पर पंजीकरण तथा दिव्यांगता की वास्तविक स्थिति के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस व्यवस्था के संचालन हेतु प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड एवं हेल्प डेस्क के साथ समन्वय भी स्थापित किया गया है।

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