मथुरा , मई 15 -- उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के इच्छुक बुजुर्गों के लिए अब नए नियम लागू कर दिए गए हैं। मथुरा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेंशन आवेदन के लिए अब केवल आधार कार्ड के आधार पर उम्र प्रमाणित नहीं मानी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता द्वारा जारी नई एडवाइजरी के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदकों को अब जन्मतिथि संबंधी अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अब आवेदकों को परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर) की प्रमाणित प्रति अथवा शैक्षिक प्रमाण पत्र, जिसमें जन्मतिथि अंकित हो, प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
अब तक आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को ही आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता था, लेकिन प्रशासन का कहना है कि कई मामलों में अनुमानित उम्र दर्ज कराए जाने के कारण अपात्र लोग भी योजनाओं का लाभ लेने लगे थे। इसी को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आंकड़ों के अनुसार मथुरा जनपद में वर्तमान में लगभग 57,362 लोग वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। नए आवेदनों के लिए अब आधार कार्ड के स्थान पर परिवार रजिस्टर अथवा स्कूल प्रमाणपत्र अपलोड करना आवश्यक कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इससे फर्जी या अपात्र लाभार्थियों पर रोक लगेगी, हालांकि ऐसे बुजुर्गों के सामने परेशानी बढ़ सकती है जिन्होंने कभी औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की और जिनके पास शैक्षिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वृद्धावस्था पेंशन अथवा पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन करने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लें। अधिकारियों ने कहा कि यदि आवेदन के साथ सही दस्तावेज संलग्न नहीं पाए गए तो आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
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