उदयपुर , अगस्त 01 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है और बढ़ता समुद्री जलस्तर, लगातार बढ़ता तापमान, प्रदूषित वायु, दूषित जल और तेजी से घटती जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे में वृक्षारोपण और वन संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
श्री शर्मा शनिवार को उदयपुर के दूधतलाई वन परिक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वन मानव जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है तो वृक्षारोपण और वन संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से आमजन की पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। यह अभियान पर्यावरण के प्रति दायित्व निभाने के साथ-साथ माताओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण की भावना का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नगर वन योजना, कैंपा फंड, ग्रीन इंडिया मिशन एवं राष्ट्रीय वनरोपण कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से देश में पर्यावरण संरक्षण को नयी गति मिली है। प्रधानमंत्री की पर्यावरण संरक्षण पहलों के लिए उन्हें यूएन चैंपियन्स ऑफ अर्थ से भी सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की इन पहलों से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार द्वारा 'मिशन हरियालो राजस्थान' प्रारंभ किया गया है। यह अभियान प्रदेश को हरित और समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से लगभग दो वर्षों में करीब 20 करोड़ पौधे लगाये जा चुके हैं। इस मानसून सीजन में भी 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है।
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