मथुरा , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद वृंदावन में हुई हालिया मारपीट की घटना में घायल हुए निषाद समाज के लोगों का कुशलक्षेम जानने मथुरा पहुंचे। जिला अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात कर उन्होंने चिकित्सकों को घायलों के बेहतर इलाज और क्रिटिकल केयर के निर्देश दिए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा कि समाज ने उन पर विश्वास जताया है और वे पीड़ितों की बात मजबूती से रखने आए हैं। उन्होंने कहा कि घटना में घायल हुए लोगों में से एक की हालत नाजुक है, जिसका फेफड़ा पंक्चर हुआ है, इसलिए पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध की कोई जाति नहीं होती, अपराधी केवल अपराधी होता है और मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, मारपीट या गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है, सामंतवाद 1950 में ही खत्म हो चुका है और हर नागरिक को समानता व सुरक्षा का अधिकार है।
निषाद समाज की संवैधानिक सुरक्षा पर जोर देते हुए कैबिनेट मंत्री ने मांग की कि मछुआरा (फिशरमैन) समुदाय को भी अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में शामिल कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का संरक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसे सताए गए वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आपसी विवादों में बाहरी तत्वों और राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अड़ोसी-पड़ोसी के झगड़ों को आपस में सुलझाया जा सकता है, लेकिन बाहरी लोगों का हस्तक्षेप और उकसावा माहौल खराब करता है। उन्होंने विपक्ष पर केवल पोस्टरबाजी करने का आरोप लगाया और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मामले में त्वरित संज्ञान लेकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई को जनता के हित में लिया गया कदम बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके सेवाकाल और अनुशासन को देश के लिए मिसाल बताया।
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