ग्वालियर , जून 16 -- वीरांगना बलिदान मेला का दो दिवसीय आयोजन 17 जून की शाम शहीद ज्योति यात्रा की शोभायात्रा के साथ प्रारंभ होगा। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने आज मेला स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान मेला समिति ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दर्शकों की बैठक व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

आयोजकों के अनुसार झांसी दुर्ग से प्रज्वलित शहीद ज्योति यात्रा 17 जून की शाम छह बजे ग्वालियर पहुंचेगी। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे पड़ाव चौराहे से घुड़सवार झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो समाधि स्थल तक पहुंचेगी, जहां ज्योति की स्थापना की जाएगी।

इसी दिन शाम 7.15 बजे नगर निगम द्वारा आयोजित रानी लक्ष्मीबाई से संबंधित शस्त्रों की प्रदर्शनी तथा स्वराज संस्थान की ओर से क्रांतिकारियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। शाम साढ़े सात बजे से मुख्य मंच पर महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 'प्रताप की प्रतिज्ञा' नाट्य प्रस्तुति तथा देशभक्ति आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

18 जून को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से प्रख्यात कवि भाग लेंगे। इसी दिन भारत विकास परिषद शाखा समर्पण, लघु उद्योग भारती और जेसीआई क्लब के सहयोग से 'एक दीप वीरांगना के नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत एक हजार दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

उधर, वीरांगना लक्ष्मीबाई के अंतिम संस्कार से जुड़े गंगादास की शाला में भी 10 जून से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गंगादास की शाला के महंत रामसेवक दास महाराज ने बताया कि वहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन 17 जून को होगा, जबकि 18 जून को हुतात्माओं की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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