पटना , सितंबर 23 -- िकसित भारत-जी राम जी योजना अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के निर्माण पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी जिलों से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अधीक्षण अभियंता/कनीय अभियंता और कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल हुए। प्रशिक्षण में वीबी-जी राम जी योजना से ग्राम पंचायतों के विकास और योजनाओं को लागू करने से संबंधित विशेष प्रशिक्षण उपस्थित सभी पदाधिकारियों को दिया गया।
प्रशिक्षण में वीबी-जी राम जी योजना के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह आयुक्त अंजनी कुमार ने कहा कि सबसे पहले पंचायतों में पूर्ण कराए गए और अधूरे कार्यों का सर्वे कराना होगा। विकास संबंधी योजनाओं के गैप असेसमेंट के बाद बाकी कार्यों के लिए नए सिरे से योजनाएं तैयार करनी होगी और उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी पदाधिकारी प्रखंड, जिला और अनुमंडल स्तर पर प्रशिक्षण देंगे ताकि ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
बिहार ग्रामीण विकास समिति (बीआरडीएस) में आईटी एंड ई-गवर्नेंस के निदेशक सरोज कुमार ने पीपीटी के सहारे पंचायतों में योजनाओं का चयन, उनका क्रियान्वयन और विकास से संबंधित विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया बताई। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के अस्तित्व में आने से पहले पंचायतों के लिए व्यक्तिगत योजनाएं तैयार की जाती थीं लेकिन अब पंचायतों की सारी योजनाएं एकीकृत होंगी। यानी वीबी-जी राम जी योजना में अन्य विभागों की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का निर्माण करना होगा। पंचायतों से जो भी योजना पारित होगा वह पहले प्रखंड और फिर जिला स्तर पर अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें कुल 375 प्रकार के कार्य कराए जाने हैं। विकसित भारत-जी राम जी योजना 2047 के विकसित भारत बनाने की एक परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसके लिए आवश्यक है कि ग्रामीण स्तरों पर भी हम बुनियादी ढांचा तैयार करें। पंचायतों का विकास कुछ ऐसा हो कि वास्तव में हम कह सकें कि हमारा देश एक विकसित देश बन गया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में अब वहां की आकांक्षाओं के अनुसार योजनाएं बनानी होंगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर मुखिया और दूसरे जागरूक लोगों का सुझाव लेकर ही अधिकारी योजना तैयार करेंगे।
प्रशिक्षण में वीबी-जी रामजी योजना के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अनीश रंजन राव ने कहा कि मनरेगा का मुख्य उद्देश्य केवल अकुशल श्रम के माध्यम से रोजगार प्रदान करना था और बुनियादी ढांचों का निर्माण द्वितीय लक्ष्य था,जबकि वीबी-जी राम जी योजना का प्राथमिक उद्देश्य रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी ढांचों का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2026 से लागू इस योजना में जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन से संबंधित योजनाओं को शामिल करना है। उन्होंने कहा कि इस पूरी योजना को पारदर्शी और तकनीक -आधारित बनाया गया है। जिसमें प्राकलन के लिए सेक्योर 2.0 सॉफ्टवेयर और जियो-टैगिंग के लिए भू-ग्राम पोर्टल का उपयोग होगा।
इस अवसर पर बीआरडीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी संजय सिंह के अलावा दूसरे पदाधिकारी मौजूद थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित