पटना , जून 22 -- बिहार के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-जी राम जी) अधिनियम के तहत अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक पात्र ग्रामीणों को प्रति वर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। विकसित भारत- जीरामजी योजना के संबंध में उप विकास आयुक्तों, एनइपी निदेशकों एवं मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम मुख्य सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-जी राम जी) अधिनियम के तहत अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक पात्र ग्रामीणों को प्रति वर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। उन्होंने योजना के मुख्य बिन्दुओं की चर्चा करते हुए कृषि और मौसम आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
श्री कुमार ने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में विकसित भारत जी राम जी के तहत एक समान मजदूरी निर्धारित करने के साथ-साथ पूर्व की लंबित राशि को शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई मोर्चों पर राज्य की उपलब्धियां सराहनीय रहीं। जल संरक्षण के लिए बिहार के चेक डैम मॉडल को पूरे देश ने अपनाया। साथ ही कुआं एवं तालाब निर्माण में बिहार को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
मंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और चालू वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह कहा कि जल-जीवन- हरियाली अभियान के शुरुआत में राज्य में हरित क्षेत्र 9 प्रतिशत था, जो बढ़ कर 16 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे और बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 33 प्रतिशत तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने मनरेगा अंतर्गत खेल मैदान निर्माण के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धि की चर्चा की।
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