नयी दिल्ली , अक्टूबर 23 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) या 'वीबी-जी राम जी' के तहत श्रमिकों की हाजिरी दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप के नए और उन्नत-सुरक्षा संस्करण को औपचारिक रूप से जारी किया।
यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है। इसमें बताया गया है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के तकनीकी सहयोग, एआई-आधारित सत्यापन और सुदृढ़ साइबर सुरक्षा से लैस यह नया संस्करण ऐप से छेड़छाड़ और फर्जी हाजिरी को रोकेगा। इसमें कई सुरक्षा उपाय जैसे गूगल प्ले इंटीग्रिटी, लाइवनेस डिटेक्शन, डिवाइस-लेवल सुरक्षा जांच और क्लोनिंग रोधी उपाय जोड़े गए हैं, जिससे कैमरे के सामने वास्तविक और जीवित श्रमिक की मौजूदगी सुनिश्चित होगी।
श्री चौहान ने कहा कि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में ऑफलाइन हाजिरी दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, अगर किसी दिव्यांग या बुजुर्ग श्रमिक का चेहरा तकनीकी कारणों से मैच नहीं होता, तो छूट व्यवस्था के तहत उन्हें मजदूरी या काम से रोका नहीं जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक जुलाई 2026 से लागू की गई 'वीबी-जी राम जी' योजना के तहत देश की 2.41 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में 31.23 लाख कार्यस्थलों पर काम संचालित हुआ है। इसके तहत 2.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों के 3.65 करोड़ से अधिक श्रमिकों को काम दिया गया है।
श्री चौहान ने चेतावनी दी कि कार्यस्थलों पर फर्जी हाजिरी, किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मजदूरी उठाने या अनधिकृत ऐप के इस्तेमाल जैसी गड़बड़ियों पर सरकार की जांच टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर डिजिटल साक्ष्य जुटाकर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि जरूरतमंदों को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब तक लगभग 46 करोड़ मानवदिवस सृजित किए जा चुके हैं, जिनमें से अकेले चेहरे की पहचान से लगभग 40 करोड़ मानव दिवस दर्ज किए गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में केंद्र सरकार का बजट प्रावधान 95,692 करोड़ रुपये है, जो राज्यों के अंश को मिलाकर 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहली किस्त के रूप में 26,126 करोड़ रुपये की 'मदर सैंक्शन' जारी कर दी है।
इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल और संयुक्त सचिव रोहिणी आर भाजीभाकरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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