पटना , जुलाई 16 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचलाधिकारियों के साथ राजस्व कार्यों की समीक्षा एवं उन्मुखीकरण बैठक आयोजित की गई।बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व महा-अभियान, जन शिकायत एवं सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा आरसीएमएस के अंतर्गत संचालित सभी न्यायालयों के कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। लक्ष्य से पिछड़े जिलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए।
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आम जनता से जुड़े राजस्व मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सेवायें प्रदान करने के लिये नियत समय निर्धारित है। ऐसे में अगर अधिकांश जिले देरी से आवेदनों का निष्पादन करते हैं तो राज्य का औसत खराब होता है । राजस्व महाभियान के आवेदनों में सीतामढ़ी का अच्छा प्रदर्शन देख उन्होंने कहा कि,सभी जिलों को ऐसे ही अपनी कार्यक्षमता में वृद्धि की कोशिश करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मी बिना किसी लालच या पक्षपात के पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अंचल कार्यालयों का माहौल जनहित के अनुरूप होना चाहिए तथा किसी भी गरीब या आम नागरिक को अपने कार्य के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मंत्री ने सेवा संपुष्टि के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई आम नागरिक किसी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की सूचना विभाग को देता है, या इसके लिये तो दस्तावेज अपूर्ण हैं इस आधार पर केस खारिज ना किया जाये । सरकारी ज़मीन के संरक्षक आम जनता नहीं, बल्कि सरकार है । इसलिए संबंधित अंचल अधिकारी स्वयं स्थल का निरीक्षण कर मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि विभाग की सभी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिये कि लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, अपर सचिव प्रशांत सीएच, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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