भोपाल , मई 11 -- मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में दूषित पानी और भोजन के कारण बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने के मामले को लेकर एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालय में दूषित पानी और भोजन के कारण 300 से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार हो गए हैं तथा दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है और सैकड़ों विद्यार्थी बीमार पड़े थे, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन और प्रशासन ने कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए।

रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लगातार विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाता रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो संगठन उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगा।

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