बैतूल , अप्रैल 17 -- पन्ना और छतरपुर जिलों में संचालित केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के समर्थन में आदिवासी कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया गया।

आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने आरोप लगाया कि परियोजना के तहत सैकड़ों आदिवासी परिवारों को बिना समुचित मुआवजा और वैधानिक प्रक्रिया के विस्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया और ग्राम सभाओं की सहमति भी उचित रूप से नहीं ली गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रभावित परिवार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कई लोग पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और प्रतीकात्मक रूप से चिता पर लेटकर विरोध जता रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आदिवासी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आंदोलनरत परिवारों को भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है, जिसे अमानवीय बताया गया है। रामू टेकाम ने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों का जबरन विस्थापन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने मांग की कि प्रभावितों को जमीन के बदले जमीन, प्रत्येक सदस्य को उचित मुआवजा और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

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