नयी दिल्ली , मार्च 30 -- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को तेलंगाना सरकार द्वारा पारित तेलंगाना कर्मचारी जवाबदेही और माता-पिता (अभिभावक) सहायता निगरानी विधेयक, 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया है।
विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संस्कार और संस्कृति प्रधान देश में माता-पिता की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की जरूरत पड़ी। भारत जैसे देश में, जहां श्रवण कुमार जैसे आदर्शों की परंपरा रही है, वहां ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
श्री बंसल ने तेलंगाना सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून से राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिलेगा। उन्होंने सरकार और विधानसभा दोनों को इसके लिए धन्यवाद और साधुवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के अन्य राज्य भी इस पहल का अनुसरण करेंगे, ताकि बुजुर्गों को आवश्यकता के समय उचित सहयोग मिल सके।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता के प्रति पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन स्वेच्छा से करें और उनकी सेवा-सुश्रुषा को अपना नैतिक एवं धार्मिक कर्तव्य मानें। उन्होंने कहा कि यह बेहतर होगा कि लोग इस जिम्मेदारी को कानूनी दबाव के बजाय अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुसार निभाएं। इसके साथ ही उन्होंने कामना की कि ऐसे कानून तो बनें, लेकिन किसी को इसके तहत शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े।
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