पटना , जुलाई 30 -- िहार के पर्यटन मानचित्र पर विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को ऐतिहासिक स्थल के साथ ही ईको टूरिज्म स्पॉट के तौर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने केसरिया स्तूप का निरीक्षण करके अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और स्तूप सहित आसपास के पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।

इस प्रस्तावित योजना के तहत केसरिया स्तूप परिसर को पर्यटन और आध्यात्मिक अनुभव का नया केंद्र बनाने की तैयारी है। यहां जेन पार्क, चिल्ड्रेन पार्क, ध्यान केंद्र, विपश्यना केंद्र, ईको-फ्रेंडली हट्स, आकर्षक लैंडस्केपिंग, पार्किंग, कैफेटेरिया तथा अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सरोत्तर झील को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए बोटिंग, पार्क और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

बैठक में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सरोत्तर झील के विकास का प्रस्ताव रखते हुए स्तूप के समग्र विस्तार के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर सहमति बनी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित