नयी दिल्ली , अक्टूबर 07 -- आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने 'सभी के लिए पर्याप्त आवास' विषय के साथ विश्व पर्यावास दिवस 2026 मनाया।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इस अवसर पर शहरी आवास को अधिक किफायती, सुरक्षित, लचीला और समावेशी बनाने के लिए नवाचार, नीतिगत सुधार, आधुनिक प्रौद्योगिकी और सतत वित्तपोषण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मानित किया गया।

आवास योजनाओं, विशेषकर किराये के आवास के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरी स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान 'सभी के लिए आवास' से जुड़ी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर वीडियो प्रस्तुत किये गये, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों में अपनाए जा रहे नवाचारपूर्ण तरीकों और अनुभवों को प्रदर्शित किया गया। मंत्रालय ने घोषणा की कि पीएमएवाई-यू पुरस्कारों को संस्थागत रूप दिया जा रहा है और अब ये पुरस्कार हर वर्ष विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर प्रदान किये जायेंगे। इसका उद्देश्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ आवास क्षेत्र में नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना है।

विश्व पर्यावास दिवस समारोह के दौरान शहरी आवास की उभरती चुनौतियों और उनके समाधान पर तीन तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। पहले सत्र में किराये के आवास की क्षमता को साकार करने के लिए संरचनात्मक चुनौतियों और सक्षमकारी उपायों पर चर्चा हुई। इसमें शहरी प्रवासियों, श्रमिकों, छात्रों, कामकाजी महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों के लिए किफायती एवं सम्मानजनक किराये के आवास को मजबूत करने पर जोर दिया गया। भूमि, बुनियादी ढांचे, नियामक व्यवस्था, निवेश और संपत्ति प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया।

दूसरे सत्र में आवास में मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए नियामक उपायों पर चर्चा की गई। इसमें अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, प्रभावी भूमि उपयोग नियोजन, सक्षमकारी विकास नियमों और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से किफायती आवास की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया। तीसरे सत्र में कम लागत वाली स्वदेशी निर्माण प्रौद्योगिकियों और वित्तपोषण साधनों पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें गुणवत्ता, मजबूती, संसाधन दक्षता और किफायतीपन के साथ बड़े पैमाने पर सुरक्षित एवं जलवायु-अनुकूल आवास उपलब्ध कराने में तकनीकी नवाचार और उपयुक्त वित्तपोषण के समन्वय की आवश्यकता रेखांकित की गयी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित