नयी दिल्ली , मई 29 -- केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने शुक्रवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफ़ईआई) एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत शुरू की गई इस डिजिटल पहल का उद्देश्य देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है। इस अवसर पर तंबाकू उत्पादों के नमूने एकत्र करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई।
इस अवसर पर श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम "अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको एडिक्शन" युवाओं को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आकर्षक फ्लेवर, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया प्रचार के जरिए युवाओं को तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को जागरूक और सतर्क रहने का संदेश देते हुए तंबाकू एवं निकोटीन सेवन से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने बताया कि देशभर में जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों, आयुष संस्थानों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में 2,000 से अधिक तंबाकू त्याग केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से तंबाकू मुक्त वातावरण बनाए रखने और टीओएफ़ईआई ऐप के उपयोग में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम के दौरान "तंबाकू निषेध की शपथ" भी दिलाई गई तथा स्कूली छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलायी।
उन्होंने बताया कि देशभर में जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों, आयुष संस्थानों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में 2,000 से अधिक तंबाकू त्याग केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से तंबाकू मुक्त वातावरण बनाए रखने और टीओएफ़ईआई ऐप के उपयोग में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम के दौरान "तंबाकू निषेध की शपथ" भी दिलाई गई तथा स्कूली छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलायी। एप्लिकेशन के माध्यम से शैक्षणिक संस्थान स्वयं मूल्यांकन और रिपोर्टिंग कर सकेंगे। साथ ही तंबाकू नियंत्रण दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी, चेतावनी संकेतों की व्यवस्था, शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक तथा छात्रों और शिक्षकों के बीच जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का पायलट प्रोजेक्ट राजस्थान, मेघालय और महाराष्ट्र में शुरू किया गया है, जिससे भविष्य में इसे देशभर में लागू करने की तैयारी की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों की निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण और नियामक अनुपालन को मजबूत करना है। इसमें तंबाकू उत्पादों के नमूने संग्रह, भंडारण, परिवहन और दस्तावेजीकरण की मानकीकृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
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