भोपाल , मार्च 20 -- विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय भोपाल में गौरैया संरक्षण के प्रति जनजागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय भोपाल, भोपाल बर्ड्स कंजर्वेशन सोसाइटी, मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं व्ही.एन.एस. नेचर सेवियर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप नंदी ने "घरेलू गौरैया का जीवन" विषय पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में देशभर के 24 फोटोग्राफरों के 36 छायाचित्र प्रदर्शित किए गए, जिनमें गौरैया के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया।

इस अवसर पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें अर्चित बनवडीकर को प्रथम, प्रीति अत्रे को द्वितीय और अनामिका मिश्रा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। दीपक यादव और सुशील कुमार चौरे को प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. संगीता राजगीर ने गौरैया संरक्षण पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शहरीकरण और पक्के मकानों के कारण गौरैया के प्राकृतिक आवास समाप्त हो रहे हैं, जिससे उनके जीवन चक्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने लोगों से अपने घरों में गौरैया के अनुकूल वातावरण बनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को कृत्रिम घोंसले वितरित किए गए। इस अवसर पर संग्रहालय के वैज्ञानिक-सी मानिक लाल गुप्त सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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