चंडीगढ़ , सितंबर 01 -- हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि प्राध्यापकों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए बताया कि सरकार कॉलेजों की तर्ज पर विश्वविद्यालयों के गेस्ट फैकल्टी को भी सेवा सुरक्षा देने के लिए सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2026 लाने जा रही है।

हरियाणा यूनिवर्सिटी कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर एसोसिएशन और हरियाणा यूनिवर्सिटी पार्ट टाइम टीचर एसोसिएशन की मांगों पर सरकार की मंजूरी से उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति की अध्यक्षता वाली समिति ने विचार-विमर्श के बाद गेस्ट फैकल्टी को सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की।

मंत्री ने बताया कि कॉलेजों में सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 पहले ही लागू किया जा चुका है, जिसका लाभ 2,095 कर्मचारियों को मिला है। अब विश्वविद्यालयों के अतिथि प्राध्यापकों के लिए भी इसी तर्ज पर नया कानून बनाया जाएगा।

प्रस्तावित अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा के लिए छह प्रमुख मापदंड निर्धारित किए गए हैं। शिक्षक को 30 जून 2023 तक सहायक प्रोफेसर पद की निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी। 15 अगस्त 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की निरंतर सेवा और वर्तमान में कार्यरत होना जरूरी होगा। इस तिथि तक आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।

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