जयपुर , फरवरी 23 -- राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि विश्वकर्मा अंशदायी पेंशन योजना में नियमानुसार लाभार्थियों को भुगतान किया गया है।

श्री गोदारा शून्यकाल में विधायक अनिता भदेल के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में विश्वकर्मा अंशदायी पेंशन योजना बंद कर दी गई थी, उस समय कुल 51 हजार 790 सदस्य पंजीकृत थे। सभी कामगारों को नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में शामिल होने का विकल्प भी दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी 51 हजार 790 सदस्यों को सूचना के उद्देश्य से विभाग की ओर से पोस्टकार्ड भी भेजे गए। इनमें से 17 हजार 122 सदस्य स्वेच्छा से एनपीएस से जुड़े। शेष 34 हजार 608 कामगार पूर्व योजना में ही शामिल रहे। इन सदस्यों को 31 मार्च 2011 से ब्याज देय नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंजीकृत देवदत राजोरिया को एक फरवरी 2022 को पीएफआरडी नियमानुसार 25 हजार 558 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। श्री गोदारा ने कहा कि श्री राजोरिया ने स्वयं 13 हजार 62 रूपये का अंशदान दिया है। इसमें पीएफआरडी के नियमानुसार सरकार का अंशदान 12 हजार 496 रुपए था। इस प्रकार उन्हें भुगतान किया जा चुका है।

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