दरभंगा , जुलाई 18 -- िला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 96 मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन करते हुए मौके पर ही एक करोड़ 28 लाख 74 हजार 235 रुपये का भुगतान कराया गया।विशेष लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा, स्थायी लोक अदालत के पीठासीन पदाधिकारी सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक, महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) जूनैद आलम तथा डीएलएसए की सचिव आरती कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में पक्षकारों की सुविधा के लिए एनआई एक्ट के मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर मौके पर ही निपटारा करने के लिये विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से मामलों के निष्पादन से न केवल न्यायालयों का समय और खर्च बचता है, बल्कि पक्षकारों के बीच की कटुता भी समाप्त होती है, जिससे सामाजिक सौहार्द और शांति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि एनआई एक्ट के मामले सुलह योग्य हैं और पक्षकारों को इसका अधिकाधिक लाभ उठाना चाहिए।
मामलों के निष्पादन के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जूनैद आलम की अध्यक्षता में एक विशेष खंडपीठ का गठन किया गया था। खंडपीठ ने कुल 96 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया। इन मामलों में समझौते के आधार पर एक करोड़ 28 लाख 74 हजार 235 रुपये का भुगतान मौके पर ही कराया गया। बकाया राशि प्राप्त होने से पक्षकारों के चेहरे खुशी से खिल उठे, वहीं लंबे समय से चल रहे मुकदमों से मुक्ति मिलने की संतुष्टि भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने किया।
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