पटना , सितंबर 24 -- ाज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण की धीमी प्रगति को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण में केवल लक्ष्य पूरा करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि रैयतों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अभिलेखों की शुद्धता और काम की समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों और अंचलों की अलग से समीक्षा करने तथा अगले 15 दिनों की विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि भूमि सर्वेक्षण महज जमीन की नापी नहीं, बल्कि सही रैयत, सही खेसरा, सही रकबा और सही भूमि अभिलेख तैयार करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए कार्य में अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण ऐसा होना चाहिए जिस पर राज्य का रैयत विश्वास कर सके।
मंत्री ने निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं करने वाले जिलों और अंचलों को चिन्हित कर अलग से समीक्षा की जाए। संबंधित पदाधिकारियों से धीमी प्रगति का कारण पूछा जाए और सुधार के लिए स्पष्ट समय-सीमा के साथ विशेष कार्ययोजना तैयार कराई जाए।उन्होंने अगले 15 दिनों की कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि बिना उचित कारण लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकेंगे। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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