आइजोल , जुलाई 5 -- मिजोरम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में से मतदाता प्रगणन प्रक्रिया का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हासिल करने वाला पहला राज्य बनकर उभरा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी गरिमा गुप्ता ने शनिवार को राजनीतिक दलों के साथ हुई एक बैठक में यह जानकारी दी।
लियानछियारी रन स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रगणन चरण के पूरा होने और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रगति की समीक्षा की गई। गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय राजनीतिक दलों, चुनाव अधिकारियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से बूथ स्तर के अधिकारियों और बूथ स्तर के एजेंटों के समन्वित प्रयासों को दिया, जिन्होंने राज्य भर में इस व्यापक कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया अब दावा और आपत्ति के चरण में प्रवेश कर चुकी है, जिसके दौरान पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने, विवरण में सुधार करने, स्थान बदलने या प्रविष्टियों को हटाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह अवसर 4 जुलाई से 4 अगस्त तक खुला रहेगा।
जनता से अपने विवरण की जांच करने की अपील करते हुए सुश्री गुप्ता ने कहा कि यह अवधि यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम शामिल किया जाए और अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। उन्होंने नए पात्र मतदाताओं और उन लोगों से भी इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया जिनके नाम या विवरण में सुधार की आवश्यकता है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जारी पुनरीक्षण कार्य पर अपने विचार साझा किए और जिस तरह से इसे संचालित किया गया है, उस पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रगणन प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों और बूथ स्तर के एजेंटों के कार्य की भी सराहना की।
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