नयी दिल्ली , सितम्बर 07 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पणजी में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सभी क्षेत्रीय परिषद अब राज्यों के बीच विवाद सुलझाने के मंच से आगे बढ़कर जन कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी का प्रभावी मंच बन गई हैं।

श्री शाह ने पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक में कहा कि 2014 से अब तक सभी परिषद और उनकी स्थायी समितियों की 71 बैठकें हुईं हैं जिनमें 1,893 मुद्दों पर चर्चा हुई और 1,445 का समाधान किया गया। साथ ही उन्होंने साइबर अपराध, तटीय सुरक्षा, कुपोषण, नशे के खिलाफ अभियान और सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र देश का सबसे बड़ा आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय केंद्र है और देश की आर्थिक वृद्धि में इसका बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है और पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का इसमें बड़ा योगदान है। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र को देश के आर्थिक विकास का 'वेस्ट इंजन' बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की संपदा और वित्त, निर्यात और बंदरगाह, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर, पर्यटन और समुद्री अर्थव्यवस्था में बड़ी हिस्सेदारी है। गोवा में एक करोड़ से अधिक पर्यटक आते हैं, जिनमें पांच लाख विदेशी पर्यटक हैं और राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद में पर्यटन की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत है। महाराष्ट्र 33,872 स्टार्टअप के साथ देश में पहले स्थान पर है, धोलेरा सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में केंद्र बन चुका है, जबकि गुजरात का मुंद्रा बंदरगाह सबसे अधिक माल संभालता है और दीनदयाल बंदरगाह माल की मात्रा के लिहाज से सबसे बड़ा बंदरगाह है। उन्होंने कहा कि मुंबई वैश्विक पूंजी के बड़े केंद्र के रूप में उभर रही है।

श्री शाह ने कहा कि 2014 के बाद क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 25 बैठकें हुई थीं, जबकि 2014 से अब तक 71 बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में 1,893 मुद्दों पर चर्चा हुई और 1,445 का समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिषद अब विवादों के समाधान के बजाय जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी का माध्यम बन गई है और पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच अब कोई विवाद नहीं बचा है। उन्होंने नदियों से जुड़े विवादों के समाधान, बच्चों में कुपोषण, कम वजन और ठिगनेपन, आधार की पहुंच तथा आयुष्मान भारत कार्ड के क्रियान्वयन की निगरानी का उल्लेख किया। उन्होंने नयी न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन और नशे के खिलाफ अभियान में पश्चिमी क्षेत्र से अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कंप्यूटरीकरण में महाराष्ट्र में 98 प्रतिशत और गुजरात में 92 प्रतिशत प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बनास डेयरी के गोबरधन मॉडल को अपनाने की बात कही।

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