अमृतसर , जून 24 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने हरियाणा पुलिस द्वारा विवादित वीडियो मामले में कथित तौर पर झूठी रिपोर्ट तैयार करने के आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
एडवोकेट धामी ने बुधवार को कहा कि इस घटना ने न केवल प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों के विपरीत या भ्रामक रिपोर्ट तैयार करना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से गलत है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिख भावनाओं से जुड़ा हुआ है और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा इसकी निष्पक्ष जांच दो मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से करवायी गयी थी। एडवोकेट धामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय अकाल तख्त साहिब के निर्णय को चुनौती देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि छठे पातशाह द्वारा स्थापित इस तख्त की मर्यादा और अधिकार को चुनौती देने वाले कभी सफल नहीं हुए।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कानून की रक्षा की शपथ लेने वाले ही कथित तौर पर धोखाधड़ी में शामिल पाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी गलतियों का दोष दूसरों पर मढ़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि सार्वजनिक पदों से जुड़े मामलों की जांच राजनीतिक प्रभाव से मुक्त और पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी से आम आदमी पार्टी का वास्तविक चेहरा उजागर हुआ है और पार्टी सिख संस्थाओं के प्रति लोगों को गुमराह करने के लिए झूठा प्रचार कर रही थी। उन्होंने संगतों से अपील करते हुए कहा कि वे अकाल तख्त साहिब द्वारा गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किए गए ऐसे नेताओं से दूरी बनाये रखें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित