नयी दिल्ली , अगस्त 13 -- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के परिप्रेक्ष्य में गुरुवार को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने पीड़ितों के संघर्ष, साहस और बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम के माध्यम से वर्ष 1947 के भारत विभाजन से जुड़ी पीड़ा, विस्थापन, बिछड़ने की घटनाओं की स्मृतियों को याद किया गया। "पार्टिशन हॉरर्स - रिमेंबरेंस डे" नाम से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में संगीत, रंगमंच और वीडियो को एक साथ प्रस्तुत करते हुए विभाजन के दौर को दर्शाया गया।

श्री मिश्रा ने कहा कि संगीत, रंगमंच और वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया यह कार्यक्रम इतिहास की उन मानवीय कहानियों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है, जो विभाजन की त्रासदी के पीछे छिपे दर्द और संघर्ष को सामने लाती हैं।

उन्होंने कहा कि 'विभाजन की विभीषिका' को वर्षों तक दबाया और भुलाने का प्रयास किया गया था। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने यह सुनिश्चित किया कि 1947 के उस दर्द, बलिदान और उससे मिले सबक को कभी विस्मृत न किया जाये। विभाजन विभीषिका दिवस केवल करोड़ों पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख लेने का संकल्प भी है।

श्री मिश्रा ने कहा कि कोई भी समाज जब अपने इतिहास, बलिदानों और उनसे मिले सबक को भूल जाता है, तो उसका भविष्य कमजोर नींव पर खड़ा होता है। विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ हमें यह प्रण दोहराना होगा कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को कमजोर करने वाली मानसिकता को देश में दोबारा कभी पनपने नहीं देंगे।

कार्यक्रम में सोनम कालरा और उनकी टीम ने 'स्टोरीज ऑफ़ सेपरेशन' की विशेष संगीतमय प्रस्तुति दी। जिसमें वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान अलगाव, संघर्ष और स्मृतियों से जुड़ी कहानियों को कलात्मक माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

आयोजन के लिए श्री मिश्रा ने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और कलाकारों का आभार व्यक्त किया।

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