रायपुर , अगस्त 14 -- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को यहां कहा कि देश के विभाजन के दौरान करीब डेढ़ करोड़ लोगों को विस्थापित होना पड़ा था और हजारों लोगों ने अपनी जान गंवायी थी। विभाजन की त्रासदी के बारे में आज की पीढ़ी को जानना जरूरी है, ताकि उस दौर के दर्द और इतिहास को समझा जा सके।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर श्री साव ने कहा कि यह इतिहास की ऐसी त्रासदी थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और हजारों लोगों की जान चली गयी। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना आवश्यक है।
पूर्व नक्सलियों के रैंप वॉक के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की तस्वीर अब बदल रही है। बस्तर के आम लोगों के जीवन में आनंद आया है और सरकार के प्रयासों से उन क्षेत्रों में भी बदलाव हो रहा है, जहां पहले नक्सलवाद का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि करीब 90 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराने की तैयारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर श्री साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विपक्ष में रहकर ईडी को धमका रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब अधिकारियों से क्या-क्या करवाया गया होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक रंग देकर अपने कर्मों को छिपा नहीं सकती और कांग्रेस शासनकाल में अलग-अलग विभागों में घोटालों की बरसात हुई।
अलग-अलग विभागों पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये के लंबित बिजली भुगतान के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित बिजली बिलों के मामले में संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई की जा रही है। सरकार बिजली कंपनी को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है और लंबित बिलों के भुगतान को लेकर भी विभागों के स्तर पर कार्रवाई जारी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उठाये सवाल पर श्री साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मोदी से राजनीतिक मुकाबला नहीं कर पा रही है। उन्होंने श्री गांधी पर नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा तार-तार करने का आरोप लगाया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा व्यक्ति देश का नेता प्रतिपक्ष है। उन्होंने श्री गांधी पर संस्कार और तहजीब की कमी होने का भी आरोप लगाया।
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