बेंगलुरु , जुलाई 16 -- देश की अग्रणी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में समेकित आधार पर 3,356 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 3,337 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.6 प्रतिशत अधिक है। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट आयी है।

कंपनी के निदेशकमंडल की यहां गुरुवार को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। निदेशकमंडल ने दो रुपये अंकित मूल्य वाले हर इक्विटी शेयर पर दो रुपये का अंतरिम लाभांश देने का प्रस्ताव किया है। अंतरिम लाभांश के आवंटन के लिए 27 जुलाई की शेयरधारिता को आधार बनाया जायेगा। लाभांश का भुगतान 14 अगस्त को किया जायेगा।

तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 10.59 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,477 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह एक साल पहले 22,135 करोड़ रुपये रहा था।

अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में आईटी सेवा सेग्मेंट से प्राप्त राजस्व तिमाही आधार पर 1.4 प्रतिशत घटकर 261.45 करोड़ डॉलर रह गया।

कंपनी ने बताया है कि आने वाले तिमाही में आईटी सेवा कारोबार से प्राप्त राजस्व 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है।

विप्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंधन निदेशक स्रीनि पल्लिया ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्लाइंट अब टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण से आगे एआई आधारित परिचालन मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं जो गुणवत्ता, मजबूती और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार होंगे।

तिमाही के दौरान कुल राजस्व में 34.1 प्रतिशत योगदान बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा क्षेत्र को दी गयी सेवाओं का रहा। उपभोक्ता क्षेत्र के क्लाइंटों से 18.8 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी एवं संचार क्षेत्र से 17 फीसदी और ऊर्जा, विनिर्माण एवं संसाधन क्षेत्र से 16.1 प्रतिशत का राजस्व मिला है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित