नयी दिल्ली , अप्रैल 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण रोकने के लिए षडयंत्र रचने का अरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि देश की आधी आबादी को उसका अधिकार दिलाने का सरकार का इरादा अडिग है और वह इस संकल्प को पूरा करके रहेगी।
महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने के एक दिन बाद शनिवार रात श्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस तथा द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) का नाम ले कर कहा कि इन दलों ने देश की माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों को बेरहमी से कुचल दिया और नरी शक्ति की उड़ान को रोक दिया।
श्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलोंं ने महिला आरक्षण रोकने ले लिए एक के बाद एक नये झूठ का सहारा लिया और सरकार के ईमानदार प्रयास की ' भ्रूण हत्या' कर दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नयी उड़ान देने, उसके सामने से बाधाओं को हटाने का महायज्ञ था। देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था।
महिलाओं को उनका हक दिलाने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, " आज भले ही विधेयक पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 प्रतिशत नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है।"श्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दल संसद और विधान सभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से अंतत: रोक नहीं पायेंगे। सिर्फ वक्त का इंतजार है। उन्होंने कहा, " नारी शक्ति के सशक्तीकरण का भाजपा- राजग का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। "उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन ( 131वां संविधान संशोधन) उत्तर , दक्षिण, पूर्व , पश्चिम - सभी राज्यों की शक्ति और प्रतिनिधित्व में समान वृद्धि का प्रयास था । राज्य छोटा हो या बड़ा, किसी राज्य की आबादी कम हो या ज्यादा सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ायी जा रही थी। किसी राज्य को कोई नुुकसान नहीं होना था।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होने वाला था। यह विधेय पास होता तो तमिलनाडु , पश्चिम बंगाल, केरल , हर राज्य की सीटें बढतीं, लेकिन विपक्षी दलों ने अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से अपने ही लोगों को घोखा दे दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, " द्रमुक के पास मौका था कि वह और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद , विधायक बना सकती थी, उसने वह मौका खो दिया। तृणमूल के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था लेकिन उसने भी यह मौका गवां दिया। "श्री मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वह महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके, लेकिन सपा भी इसमें चूक गई.. उसने लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की भूमिका तीखी आलोचना करते हुए उसे सुधार विरोधी और महिला आरक्षण विरोधी पार्टी करार दिया । उन्होंंने कहा, " कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं।" उन्होंने कहा कि इस बार उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी और अपने पुराने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन उसने महिलाओं के पक्ष में खड़े हो कर इतिहास रचने का मौका खो दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है, लेकिन वह क्षेत्रीय दलों की ताकत भी बढ़ते नहीं देखना चाहती, इसलिए उसने इस संशोधन का विरोध करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।
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