देहरादून , अप्रैल 19 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने रविवार को देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि प्रधानमंत्री ने "राष्ट्र के नाम संदेश" जैसे गंभीर और गरिमामयी मंच का उपयोग विपक्ष को कोसने के लिए किया।
उन्होंने कहा कि यह परंपराओं का अपमान और देश के संसाधनों का दुरुपयोग है, जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है।
श्री गोदियाल ने कहा कि अब तक राष्ट्र के नाम संदेश का उपयोग आपातकालीन स्थितियों या बड़े राष्ट्रीय निर्णयों की घोषणा के लिए किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री ने इसे राजनीतिक मंच में बदल दिया है। यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग बिना सोचे-समझे अपनी पार्टी की हर नीति का समर्थन करते हैं, तब भी जब वे नीतियां देशहित के खिलाफ हों, वे राष्ट्रहित के साथ नहीं खड़े हैं। आज भाजपा एक ऐसा वातावरण बना रही है, जहां पार्टी हित को राष्ट्रहित से ऊपर रखा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महिला आरक्षण मामले में पार्टी की तरफ से स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुका है और संविधान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो बिल सदन में गिरा, वह परिसीमन संशोधन विधेयक था, न कि महिला आरक्षण बिल। इसके बावजूद भाजपा देशभर में भ्रामक प्रचार कर रही है और जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री प्रेस वार्ताओं के जरिए एक झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, मानो महिला आरक्षण का रास्ता विपक्ष ने रोका हो, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है।
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