भराड़ीसैंण (गैरसैंण) , मार्च 09 -- उत्तराखण्ड विधानसभा में वार्षिक आर्थिक बजट 2026-27 पारित करने के लिए सोमवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरूआत हुई। राज्यपाल ने विपक्षी विधायकों की नारेबाजी के बीच राज्य के विकास को सरकार के भावी रोड़मैप और अब तक प्राप्त उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। अभिभाषण के बाद उन्होंने विधान भवन की गैलरी में प्रदर्शित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

राज्यपाल ने सर्वप्रथम राज्य निर्माण के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेश की अप्रतिम विकास यात्रा में सम्मिलित सभी राज्य आन्दोलनकारियों तथा देवभूमि वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने में दिये जा रहे सहयोग के लिए प्रदेश की मातृशक्ति, युवा शक्ति, अन्नदाता, उद्यमी और पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी से देवभूमि समृद्धि और सशक्तिकरण के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने इसे सौभाग्य का विषय बताया कि एक से 11 नवम्बर, 2025 तक "राज्य स्थापना रजत जयंती उत्सव" मनाया गया और नौ नवम्बर को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य गठन के 25 वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति के सम्बोधन के साथ विधानसभा का 'विशेष सत्र' आहूत किए जाने और उसमें राज्य की प्रगति एवं भविष्य के रोड मैप के संबंध में विशेष चर्चा का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम आगामी वर्ष में विकास की नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के लिये दृढ़ संकल्प से कार्य कर रही है। यह कालखण्ड आर्थिक समृद्धि, सामाजिक न्याय, महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण तथा अवस्थापना संरचना की दृष्टि से स्वर्णिम काल है।

ले. जनरल (सेवानिवृत्त) सिंह ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारीकरण के मार्ग पर पारदर्शिता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रही है। राष्ट्र को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के क्रम में देवभूमि उत्तराखण्ड भी मातृशक्ति, मूक बधिर, युवा शक्ति, कर्मठ अन्नदाता व उद्यमी आदि की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अवसंरनात्मक विकास के लिए विशेष प्रयास कर रही है। "विकास भी, विरासत भी" को आधार मानकर हमारी सरकार संतुलित विकास, आत्मनिर्भरता और समृद्धि की अवधारणा को प्रशस्त कर रही है।

राज्यपाल ने प्रसन्नता जताई कि राज्य में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी, 2025 से विधिवत प्रभावी है। इसके अंतर्गत नौ सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं तथा पांच लाख 27 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। राज्य में 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से इन सेवाओं की पहुंच ग्राम स्तर तक सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार समानता, पारदर्शिता एवं सुशासन के संवैधानिक आदर्शों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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