इटावा , अक्टूबर 20 -- अयोध्या धाम के पीठाधीश्वर राघवेश दास वेदांती ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं के व्यक्तित्व में रावणत्व समाया हुआ है। त्रेतायुग के रावण का अंत करना आसान था, लेकिन जिन लोगों के भीतर रावणत्व समाया हो, उनका अंत करना कठिन है।

वेदांती मंगलवार को विजयदशमी के अवसर पर इटावा में श्रीराम शोभायात्रा का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीति, अयोध्या में विकास कार्यों, सनातन धर्म की रक्षा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राय रखी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए वेदांती ने कहा कि पूरे देश में उनकी मांग है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या से भाजपा का कोई भी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे, जीत उसी की होगी। योगी आदित्यनाथ स्वयं चुनाव लड़ें या अपने प्रतिनिधि को मैदान में उतारें, भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में अयोध्या का तेजी से विकास हो रहा है। उनके अनुसार, पिछली सरकारों के कार्यकाल में अयोध्या के विकास के लिए आवश्यक इच्छाशक्ति और साहस का अभाव था।

वेदांती ने सनातन धर्म और उसके धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की रक्षा के लिए वक्फ बोर्ड की तर्ज पर सनातन बोर्ड गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब वक्फ बोर्ड का गठन किया जा सकता है तो सनातन धर्म के लिए भी ऐसा बोर्ड बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गाय, गंगा, भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, मां दुर्गा और भगवान शिव को लेकर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। ऐसी टिप्पणियों पर रोक लगाने और धार्मिक आस्थाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।

वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर वेदांती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और भाजपा की दोबारा सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने अनुमान जताया कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और उसे करीब 380 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, उन्होंने सपा के 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाने की भविष्यवाणी की।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी की जीत को उन्होंने व्यक्तिगत अहंकार से जुड़ा संयोग बताया। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है।

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे के विवाद पर भी वेदांती ने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रचार किया गया और मतगणना के दौरान कथित गड़बड़ियों को आधार बनाकर माहौल तैयार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के जरिए राम मंदिर ट्रस्ट की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

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