नयी दिल्ली, 6 अगस्त (वार्ता) राज्य सभा ने सरकार के वर्ष 2023 में हुए कुछ पूंजीगत खर्चाें के समायोजन के लिए प्रस्तुत विनियोग (संख्या-3) विधेयक 2026 को गुरुवार को चर्चा और उस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारण के जवाब के बाद लोक सभा को यथा रूप लौटा दिया।

इस विधेयक को लोक सभा ने मंगलवार को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से मंजूरी दे दी थी। राज्य सभा में आज चर्चा के दौरान कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि 2023 के खर्च के लिए इस वर्ष विनियोग विधेयक लाने की जरूरत इस लिए पड़ी क्यों कि इनकी पहचान लोक लेखा समिति (पीएसी) की 39वीं रिपोर्ट में की गयी। यह रिपोर्ट अप्रैल में प्रस्तुत की गयी थी। इन खर्चों में 196 करोड़ रुपये का एक खर्च रेलवे से जुड़ी मदों (मद संख्या 85) के अंतर्गत है जो अदालत के एक आदेश के चलते उत्पन्न हुआ था।

दूसरा 53,871 करोड़ रुपये का बड़ा खर्च (मद संख्या 40) के अंतर्गत सरकारी कर्जों के पुनर्भुगतान से है जो राज्य सरकारों द्वारा 14 दिन की मियाद वाले ट्रेजरी बिलों में निवेश को निकालने से जुड़ा है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये खर्चें पूंजी खाते में लेन-देन के समायोजन से जुड़े हैं , इसलिए इसका राजकोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसके लिए कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं करना पड़ेगा।

वित्त मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विधेयक को यथा रूप पारित कर लोक सभा को लौटा दिया।

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