मुंबई , जून 29 -- महाराष्ट्र में वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में वसई में जारी गंभीर बिजली संकट का मुद्दा उठाया और राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देकर स्थिर एवं बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
राज्य विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के दौरान विधायक ने पिछले एक हफ्ते से लगातार बिजली कटौती और उपकरणों की खराबी के कारण स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को होने वाली भारी परेशानी की ओर ध्यान आकर्षित किया।
विधायक ने सदन को सूचित किया कि मानसून की शुरुआत ने स्थानीय बिजली वितरण नेटवर्क की गहरी कमियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने बार-बार बिजली कटौती होने, ट्रांसफार्मर फटने और आग लगने की घटनाओं का जिक्र किया, जिससे आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
सुश्री पंडित ने सुरक्षा जोखिम की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा, "पिछले 48 घंटों में ही खोपवाड़ी, मानिकपुर, साईनगर और पाचूबंदर सहित अन्य इलाकों में तीन से चार बड़े ट्रांसफार्मर विस्फोटों की खबरें आई हैं। इन हादसों में एमएसईडीसीएल के कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।"विधायक ने औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली की ओर ध्यान खींचते हुए ने कहा कि इस अस्थिरता ने पोमन औद्योगिक क्षेत्र को पूरी तरह ठप कर दिया है। उन्होंने कहा, "एक ही दिन में 22-22 बार बिजली कटने से लघु और मध्यम उद्योगों में उत्पादन पूरी तरह रुक गया है। इससे व्यवसायियों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है और आम आदमी के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया है।"सुश्री पंडित ने मानसून से पहले के रखरखाव के प्रति 'लापरवाह रवैये' के लिए सीधे तौर पर एमएसईडीसीएल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी बिजली लाइनों को न बदलना, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों को अद्यतन करने में की गयी अनदेखी और खराब रखरखाव के तरीके ही इस मौजूदा ग्रिड विफलता के मुख्य कारण हैं।
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