चेन्नई , जुलाई 19 -- तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय सरकार को गिराने के प्रयास में विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाये जाने वाले प्रस्ताव के विरोध में मतदान के लिए सत्ताधारी टीवीके के एक विधायक को 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश कर पाला बदलवाने से जुड़े मामले में फाइनेंस कंपनी के दो मालिकों को गिरफ्तार किया गया है और शहर में उनके दफ्तर से 2.82 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गयी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि टीवीके के ऊथनगराई से विधायक डॉ. एन एलयाराजा की ओर से दर्ज करायी गयी शिकायत के आधार पर ट्रिप्लिकेन पुलिस ने मामला दर्ज कर अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। विधायक ने आरोप लगाया था कि एक यूट्यूबर और आईपीडीडीएस नाम की जनमत सर्वेक्षण एजेंसी के मालिक थिरुनावुक्कारसु ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उन्हें 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी। थिरुनावुक्कारसु ने कबूल किया है कि उसने द्रमुक के पूर्व मंत्री सेंथिलबालाजी और उनके भाई आरवी अशोक कुमार के इशारे पर विधायक से बात की थी।
यह भी आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता ने बात मानने से इनकार कर दिया, तो उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देकर डराया-धमकाया गया।
पुलिस ने जब जांच का दायरा बढ़ाया तो उन्हें पुख्ता जानकारी मिली कि मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके एक आरोपी ने टीवीके विधायकों को रिश्वत देने के लिए दी गयी अग्रिम राशि शहर के चूलैमेडु इलाके में चल रही 'दीपम फाइनेंस' के पास जमा करायी थी। पुलिस ने विज्ञप्ति में बताया कि फाइनेंस कंपनी में की गयी छापेमारी के दौरान 2,82,49,000 रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद कर जब्त की गयी।
इस जब्ती के सिलसिले में कंपनी के मालिकों करुणानिधि और सरवनन को समन जारी किया गया था। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि ये नकदी उन्हें गिरफ्तार आरोपी ने विधायकों को रिश्वत देने के लिए अग्रिम राशि के रूप में सौंपी थी जो संभवत: थिरुनावुक्कारसु है।
तफ्तीश में जुटाये गये सबूतों और पूछताछ के दौरान दर्ज किये गये बयानों के आधार पर करुणानिधि और सरवनन को कल शाम गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फाइनेंस कंपनी के दो मालिकों की गिरफ्तारी के साथ ही द्रमुक के कद्दावर नेता सेंथिलबालाजी और उनके भाई से जुड़े इस मामले में कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन दोनों भाइयों ने पहले ही सशर्त अग्रिम जमानत हासिल कर ली है, लेकिन यह दलील देते हुए कि प्राथमिकी में उनके नाम शामिल नहीं हैं, वे जांच अधिकारी के सामने पेश होने की शर्तों का पालन करने से कतरा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपी और चुनाव विश्लेषक थिरुनावुक्कारसु से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह एक प्रमुख निजी तमिल टीवी चैनल के पत्रकार के संपर्क में था और उसने 'मेघालय प्रोजेक्ट' कोड नाम की योजना के तहत सरकार को अस्थिर करने की साजिश के बारे में जानकारियों का आदान-प्रदान किया था।
पुलिस के हवाले से आयी रिपोर्टों में कहा गया है कि साजिश के तहत टीवीके के कम से कम 15 विधायकों को 30-30 करोड़ से 35-35 करोड़ रुपये तक की पेशकश कर लुभाने की योजना थी और बिचौलियों को हर सफल सौदे के लिए पांच करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। जांच से यह भी पता चला है कि थिरुनावुक्कारसु के संबंध बेंगलुरु, चेन्नई और तिरुपुर के हवाला ऑपरेटरों से भी थे, जहां पुलिस ने चौंकाने वाले और पुख्ता सबूत तलाशने का दावा किया है और कई आपत्तिजनक सामग्रियां एवं डिजिटल सबूत जब्त किये हैं।
चूंकि पुलिस ने मामले की तह तक जाना शुरू कर दिया है, इसलिए जांच के दायरे में आये हवाला ऑपरेटरों से भी और अधिक विवरण का पता लगाने के लिए पूछताछ की जायेगी।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसे मुख्य व्यक्ति की संलिप्तता के सबूत भी लगे हैं, जिसके फिलहाल सिंगापुर में होने की बात कही जा रही है और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित