हुबली , अक्टूबर 18 -- कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने रविवार को आरोप लगाया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन ने सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक शह-मात के खेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने दावा किया कि नेतृत्व को लेकर पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनावों के बाद और खुलकर सामने आएगी। श्री विजयेंद्र ने इस स्टिंग ऑपरेशन के असली मकसद पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कांग्रेस के भीतर के घटनाक्रम वरिष्ठ नेताओं के बीच गहराते मतभेदों की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को भी निशाना बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।

यहां पत्रकारों से बातचीत में श्री विजयेंद्र ने सत्ताधारी दल में आपसी भरोसे की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और साफ हो जाएगा।

विधान परिषद चुनावों पर श्री विजयेंद्र ने भरोसा जताया कि भाजपा-जद(एस) गठबंधन सभी चार सीटों पर जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता बेहतर तालमेल के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं।

उन्होंने बताया कि राजग पश्चिम स्नातक क्षेत्र से एसवी संकनूर, दक्षिण-पूर्व स्नातक क्षेत्र से केएम सुरेश, उत्तर-पूर्व शिक्षक क्षेत्र से शशिल जी नामोशी और बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र से एपी रंगनाथ के पक्ष में प्रचार कर रहा है। किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए श्री विजयेंद्र ने सूखा पीड़ित किसान परिवारों को राज्य सरकार के प्रस्तावित 2,500 रुपये के मुआवजे पर सवाल उठाए और कहा कि यह राशि काफी नहीं है। उन्होंने सरकार से किसानों को ज्यादा ठोस और प्रभावी मदद देने का आग्रह किया।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह गन्ना किसानों को राहत देने के लिए सीधे कदम उठाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी केंद्र सरकार, बैंकों और चीनी मिलों पर डाल रही है।

उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) व्यवस्था और इथेनॉल नीति जैसी केंद्र सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गन्ने के बकाए भुगतान में देरी और अन्य पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए श्री विजयेंद्र ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह भी गन्ने के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) तय करने पर विचार करे, जिससे किसानों को अतिरिक्त मदद मिल सके।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस मुद्दे को उठाया है और दशहरा के बाद समाधान निकालने के उद्देश्य से एक समिति इन समस्याओं की समीक्षा कर रही है।

श्री विजयेंद्र ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषी चाहे किसी भी सरकार के कार्यकाल के हों, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग को भंग कर देना समस्या का हल नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बहाल करना जरूरी है।

परीक्षाओं, साक्षात्कारों और नतीजों में देरी के कारण अभ्यर्थियों के भविष्य काे देखते हुए उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की और कहा कि चुनाव से पहले 2.5 लाख सरकारी पद भरने के वादे के मुकाबले अब तक कितने पद भरे गए हैं, सरकार इसका ब्योरा सार्वजनिक करे।

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