जयपुर , अक्टूबर 09 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में नियुक्ति पाना और सेवाएं देने को गौरवशाली बताते हुए विधानसभा कर्मियों का आह्वान किया है कि वे सभी विधानसभा की गरिमा को बनाये रखने वाले कार्य करें।

श्री देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा के पांच अधिकारियों के सेवानिवृति समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा को सर्वश्रेष्ठ बनाने में प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक दायित्व ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के निर्वहन का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक संस्थान में कार्यरत अधिकारियों की भूमिका विशेष महत्व रखती है। विधानसभा की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से विधायी कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, अनुसंधान एवं संदर्भ संबंधी गतिविधियों तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कार्यों का संचालन किया जाता है। इन सभी कार्यों के प्रभावी निष्पादन में अधिकारियों का अनुभव एवं योगदान महत्वपूर्ण रहता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने सेवानिवृत्ति को जीवन की एक नई पारी का आरंभ बताते हुए कहा कि सेवा से निवृत्त होने के बाद भी व्यक्ति का अनुभव, ज्ञान और कार्य के प्रति समर्पण समाज के लिए उपयोगी बना रहता है। सेवानिवृत्ति के पश्चात जीवन में परिवार के साथ समय बिताने, व्यक्तिगत रुचियों को पूरा करने तथा सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के नए अवसर प्राप्त होते हैं।

विधानसभा में गत अगस्त में सेवानिवृत्त हुए उपसचिव मंगलाराम कंवरिया, सहायक सचिव शान्ति कुमार सैनी, मुख्य अनुसंधान एवं संदर्भ अधिकारी कैलाश कुमार शर्मा, अधिशाषी अधिकारी डॉ. सुनीता चौधरी और मुख्य लेखाधिकारी कैलाश चन्द सैन का साफा पहनाकर, शॉल ओढाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर अभिवादन किया।

इस मौके पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक के. के. शर्मा, वरिष्ठ उपसचिव संजीव शर्मा और राजस्थान विधानसभा कर्मचारी सहकारी साख समिति के अध्यक्ष रवि जैन सहित विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि श्री देवनानी के समय में विधानसभा सचिवालय में अब तक हुए सभी सेवानिवृत्ति समारोहों में उनकी मौजूदगी रही है।

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